माली (लिन्)/maalee (lin)

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माली (लिन्)  : वि० [सं० माला+इनि] [स्त्री० मालिनी] जो माला धारण किये हो। पुं० १. वाल्मीकीय रामायण के अनुसारसुकेश राक्षस का पुत्र जो माल्यवान् और सुमाली का भाई था। २. राजीव-गण नामक छन्द का दूसरा नाम। पुं० [सं० माला+इनि, दी्र्ध, न-लोप, मालिन; प्रा० मालिन] [स्त्री० मालिन, मालिनि, मालिनी] १. बाग को सींचने और पौधों को ठीक स्थान पर लगानेवाला व्यक्ति। बागवान। २. हिन्दूओं में उक्त काम करनेवाली एक जाति। ३. उक्त जाति का व्यक्ति। स्त्री० [हिं, माला] छोटी माला। सुमिरनी। उदा०—पतनारी माली पकाई और न कछू उपाय।—बिहारी। वि० [अं०] माल अर्थात् धन या सम्पत्ति से संबंध रखनेवाला। अर्थ सम्बंधी। आर्थिक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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